चंड़ीगढ़।बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या दत्ता पिछले दो दशकों से हिंदी और पंजाबी फिल्म करने के बावजूद दिव्या दत्ता हर तरह की बजट के फिल्म में नजर आती हैं। वह गुरुवार को शहर में एक सीरियल की एंकरिंग को शूट करने पहुंची थी। इस दौरान उन्होंने भास्कर से अपने करियर और फिटनेस से जुड़ी बातें शेयर की। अभिनेत्री दिव्या दत्ता अपने किरदारों को चुनने पर कुछ यूं जवाब देती हैं।जानिए क्यों नहीं है इन्हें शादी में कोई दिलचस्पी….
– हिंदी फिल्मों में यह त्रासदी रही है कि एक सुपरस्टार को अकसर एक ही इमेज में बांध दिया जाता है। इसकी वजह से उसे अलग किरदार करते हुए लोग नहीं अपनाते हैं।
-अब शाहरुख की “फैन’ फिल्म को ही लीजिए। जिसका कॉन्सेप्ट बेहतर था, लेकिन लोगों ने फिल्म को सराहा नहीं।
– ऐसे में मुझे खुशी है कि इतने लंबे करिअर के बाद भी मैं सुपर स्टार नहीं हूं, बल्कि एक ऐसी जगह हूं, जहां अच्छी फिल्मों का चयन कर सकती हूं।
– जो किरदार मुझे पसंद आता है, वही करती हूं। यही वजह है कि आप मुझे बड़े से लेकर छोटे बजट के सिनेमा में देखते हैं।
शादी ही सब कुछ नहीं होती
– क्या इस बीच अपने खुद की जिंदगी में किसी के साथ रहने की भी सोची है पर दिव्या ने कहा, हां में शादी के लिए तैयार हूं।
– लेकिन वैसे भी शादी ही सब कुछ नहीं होती। अभी मैं खुश हूं, कोई मिला तो जरूर करूंगी।
– बॉलीवुड एक्ट्रेस दिव्या दत्ता 38 साल की हो गई हैं। 25 सितंबर, 1977 को जन्मी दिव्या नॉन फिल्मी पंजाबी परिवार में पैदा हुईं।
– आज उनकी गिनती इंडस्ट्री की बेहतरीन एक्ट्रेसेस में होती है।
– दिव्या एक ऐसी एक्ट्रेस रही हैं, जिनके अफेयर के किस्से कम ही सुनने को मिले हैं। 38 साल की दिव्या आज भी सिंगल हैं
बड़े निर्देशक को मना करना होता है मुश्किल
– अभिनेत्री दिव्या दत्ता अपने किरदारों को चुनने पर कुछ यूं जवाब देती हैं। आपने फिल्मों में ज्यादा सहायक भूमिकाएं निभाई फिर भी छाप छोड़ने में कामयाब रही?
– पर दिव्या ने कहा, मुझे खुशी है कि आपको ऐसा लगता है। अकसर लोग यह कहते हैं। दरअसल, ये मेरी सबसे बड़ी कामयाबी भी है।
– इसके पीछे शायद यह कारण हो सकता है कि जब भी मैं कोई किरदार चुनती हूं तो किरदार को देखकर नहीं, बल्कि निर्देशक को देखकर।
– एक निर्देशक अपनी फिल्म की कहानी से कितना प्यार करता है। उसकी एक- एक चीज को लेकर वह कितना गंभीर है।
– लेकिन जब आपका कोई किरदार हिट होता है तो आपको वैसे ही किरदार मिलना शुरू हो जाते हैं। जैसे वीर-जारा के बाद मुझे सहायक भूमिका वाले पंजाबी किरदार मिले।
– दिल्ली-6 में ग्लैमरस किरदार निभाने के बाद वैसे ही किरदार मिलने लगे और फिर हाल ही में आई बदलापुर में एक पुरुष की फैंटेसी बनी तो वैसे ही किरदार मिलने लगे।
– मैंने ऐसे कई किरदार ठुकरा दिए। फिल्म इंडस्ट्री में किसी बड़े निर्देशक को मना करना थोड़ा मुश्किल होता है लेकिन मैंने ऐसा किया।
– अच्छी बात यह हुई की कुछ ही वर्षों में उन्हीं निर्देशकों के साथ मैंने फिर काम किया।
हॉलीवुड में जाकर ही किसी को इज्जत क्यों मिले?
– दिव्या आजकल एक हॉलीवुड प्रोजेक्ट पर भी काम कर रही हैं, जब उनसे पूछा गया कि नसीरुद्दीन से लेकर इरफान खान तक को भारत में ज्यादा इज्जत तब मिली जब उन्हें हॉलीवुड प्रोजेक्ट मिलने शुरू हुए? इसपर दिव्या बोली कि हां, यह दुखद है।
– इन सभी सितारों ने कितनी ही अच्छी हिंदी फिल्मों में अभिनय किया, लेकिन इन्हें तभी इज्जत दी गई जब हॉलीवुड में इन्हें काम मिला। मेरे खयाल से यह इसलिए है क्योंकि हम बहुत ज्यादा हॉलीवुड को ही तव्वजो देते हैं।
– लेकिन आजकल दीपिका पादुकोण और प्रियंका चोपड़ा जैसे अभिनेत्री भी हॉलीवुड में शामिल हुई, जिन्हें दोनों ही जगह बराबर प्यार मिला, तो शायद यह ट्रेंड बदल रहा है।
भाई को होने लगी इनके काम से तकलीफ
– आजकल एक साथ चार पांच प्रोजेक्ट में व्यस्त हूं। इतना व्यस्त रहती हूं कि अपने परिवार से भी मिल नहीं पाती हूं।
– पहले मेरे भाई को इससे कोई तकलीफ नहीं होती थी, लेकिन आजकल वह भी बोलने लगा है।
मां और अपनी जिंदगी पर लिख रही हूं किताब
– 7 साल की उम्र में पिता को खो देने के बाद मां ने ही मुझे पाला है। इसी साल उनका देहांत हो गया। मेरा मन था कि मैं पूरी दुनिया को मां और अपने रिश्ते के बारे में बताऊं।
– इसके लिए आजकल मॉम एंड मी नाम से ऑटोबायोग्राफी लिख रही हूं। हां, थोड़ा मुश्किल होता है कई बार रोती भी हूं, लेकिन इस साल तक इसे पूरा कर पब्लिश करूंगी।

Masti Wale

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